उज्जैन बस हादसा ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में बारातियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे करीब 15 लोग घायल हो गए। यह हादसा उस वक्त हुआ जब बस खाचरौद से इंदौर की ओर जा रही थी और उसमें लगभग 30 से अधिक बाराती सवार थे।
उज्जैन बस हादसा कैसे हुआ?
उज्जैन बस हादसा बड़नगर तहसील के इंगोरिया थाना क्षेत्र में जहांगीरपुरा गांव के पास हुआ। यहां सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा था, जिससे रास्ता संकरा हो गया था।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, बस चालक ने सिंगल रोड पर एक अन्य वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश की, जिसके चलते बस का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई।
इस हादसे में बस में सवार महिलाओं, पुरुषों और बच्चों सहित करीब 15 लोग घायल हो गए।
घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया
उज्जैन बस हादसा के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। जैसे ही आसपास के ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली, वे तुरंत मदद के लिए पहुंचे और रेस्क्यू कार्य शुरू किया।
स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से सभी घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल सभी घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
बारात में मची चीख-पुकार
उज्जैन बस हादसा के दौरान बस के पलटते ही बारातियों में चीख-पुकार मच गई। यह बस खाचरौद निवासी मोहम्मद शेरू के बेटे वकार की शादी के लिए इंदौर जा रही थी।
हादसे के बाद शादी की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं और मौके पर मौजूद लोगों के बीच डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस जांच में जुटी
उज्जैन बस हादसा के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार, घायलों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सड़क पर सावधानी बरतें, खासकर जहां निर्माण कार्य चल रहा हो।
निष्कर्ष
उज्जैन बस हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि सड़क पर छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। समय रहते सतर्कता ही ऐसी घटनाओं को रोक सकती है।
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