ग्रहण के बाद महाकालेश्वर मंदिर तथा परिसर का किया गया शुद्धिकरण, वेधशाला में वर्ष के आखिरी चंद्रग्रहण को देखने के थे इंतजाम, लेकिन बादलों ने किया निराश
Ujjain News | उज्जैन। रविवार की रात को लगे वर्ष के आखिरी चन्द्र ग्रहण के दौरान महाकालेश्वर मंदिर की व्यवस्थाओं में परिवर्तन किए गए थे। वहीं वेधशाला में चन्द्रग्रहण को देखने के इंतजाम भी हुए, लेकिन बादलों के कारण जिज्ञासु यह नजारा देख नहीं पाए। बीती रात चन्द्रग्रहण 9:58 बजे से प्रारंभ हो गया था और देर रात 1:26 बजे तक रहा। रविवार रात 3 घंटे लगे चंद्र ग्रहण के बाद महाकाल मंदिर का शुद्धिकरण और साफ सफाई की गई। चंद्र ग्रहण के कारण रविवार को कुछ व्यवस्था में बदलाव किया गया लेकिन महाकाल मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि आज सोमवार को दर्शन व्यवस्था सामान्य रूप से पूर्ववत रहेगी। भक्तों के लिए प्रवेश प्रात: कालीन भस्मार्ती के बाद से ही रहेगा। इधर रविवार रात को शयन आरती होने के बाद 9:58 बजे ग्रहण प्रारंभ होने से पहले मंदिर के पट बंद कर दिए गए। ग्रहण प्रारंभ होने के कारण मंदिर में शयन आरती का समय भी बदला गया था। रविवार रात 9:30 बजे शयन आरती हो गई थी और इसके तुरंत बाद रात 9:58 बजे से पूर्व पट बेंद कर दिए गए थे। इधर परंपरा के अनुसार ग्रहण समाप्त होने के बाद देर रात तक महाकालेश्वर मंदिर और पूरे परिसर का शुद्धिकरण कर धुलाई की गई।

वेधशाला में जिज्ञासुओं की भीड़, बादलों ने छिपाया चंद्रग्रहण का नजारा
मिली जानकारी के अनुसार रविवार रात 9 बजकर 58 मिनट से इस वर्ष का अंतिम चंद्रग्रहण आरंभ हो गया था। यह भारत समेत पूरी दुनिया के 7 देशों में खुली आंखों से देखा गया। इसकी अवधि 3 घंटे और 27 मिनट की थी। रात 11 बजे के लगभग पूर्ण चंद्रग्रहण के साथ ब्लड मून का नजारा दिखना था, लेकिन शहर के आसमान पर घने बादल होने के कारण यह नजर नहीं आ पाया। चंद्रग्रहण को निहारने के लिए वेधशाला ने विशेष उपकरण लगाकर इंतजाम किए गए थे। ग्रहण रात 1 बजकर 27 मिनट पर पर समाप्त हुआ।

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