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शिप्रा नदी में तैराक युवकों ने 20 मिनट में ढूंढी कार और महिला आरक्षक की लाश

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शिप्रा नदी में तैराक युवकों ने 20 मिनट में ढूंढी कार और महिला आरक्षक की लाश

70 घंटे में 70 गोताखोर अभियान चलाकर भी नहीं खोज पाए, एसपी ने दोनों युवाओं को सम्मानित करने की घोषणा की

Ujjain News | 70 घंटे तक चले खोज अभियान और करीब 70 गोताखोरों की मेहनत के बावजूद शिप्रा नदी में गिरी कार और महिला आरक्षक का शव नहीं मिल पाया था, लेकिन जूना सोमवारिया के दो स्थानीय तैराकों, इरफान उर्फ जुम्मा और अकबर ने मात्र 20 मिनट में यह कारनामा कर दिखाया। उनके इस योगदान के लिए उज्जैन पुलिस ने उन्हें सम्मानित करने और इनाम देने की घोषणा की है।

घटना अनंत चतुर्दशी की रात 9 बजे की है, जब बड़नगर रोड के बड़े पुल से एक सफेद कार शिप्रा नदी में गिर गई थी। कार में सवार थे उंहेल टीआई अशोक शर्मा, सब इंस्पेक्टर मांगीलाल निनामा और महिला आरक्षक आरती पाल। उस दिन नदी का जलस्तर ऊंचा और बहाव तेज होने के कारण खोज कार्य में मुश्किलें आईं। अगले दिन सुबह 9 बजे टीआई अशोक शर्मा का शव मिल गया, और तीसरे दिन सब इंस्पेक्टर का शव भी बरामद हुआ। लेकिन कार और आरक्षक आरती पाल का शव तीन दिन तक एनडीआरएफ और होमगार्ड की टीमें ढूंढ नहीं पाईं। चक्रतीर्थ से भैरवगढ़ पुल तक लगातार खोजबीन के बावजूद कोई सफलता नहीं मिली।

पिछले दो दिनों से जूना सोमवारिया के तैराक जुम्मा और अकबर पुलिस को बता रहे थे कि कार जिस जगह गिरी, वहां एक गड्ढा है, जिसमें वह फंस गई होगी। उन्होंने खोज में मदद की अनुमति मांगी, लेकिन शुरू में पुलिस ने इजाजत नहीं दी। चौथे दिन, जब जीवाजीगंज टीआई विवेक कनोड़िया मौके पर पहुंचे, तो जुम्मा और अकबर ने फिर अनुरोध किया। टीआई ने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर दोनों को नदी में उतरने की अनुमति दिलवाई। मात्र 20 मिनट की मेहनत के बाद, दोनों ने गड्ढे में फंसी कार और आरती पाल का शव ढूंढ निकाला। क्रेन की मदद से दोनों को बाहर निकाला गया।

एसपी प्रदीप शर्मा ने जुम्मा और अकबर के इस साहसिक कार्य की सराहना की और प्रत्येक को एक-एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन युवकों ने वह काम कर दिखाया, जो एनडीआरएफ और होमगार्ड की टीमें तीन दिन में नहीं कर पाईं।

महिला आरक्षक का उज्जैन में अंतिम संस्कार

महिला आरक्षक आरती पाल (निवासी रतलाम) का शव कार के साथ बरामद होने के बाद उनके परिजनों को सूचना दी गई। बुधवार सुबह एसपी ने उनके परिवार को अंतिम संस्कार के लिए एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की। आरती का अंतिम संस्कार उज्जैन में गार्ड ऑफ ऑनर के साथ किया गया। पुलिस ने बताया कि जुम्मा और अकबर को भी उनके योगदान के लिए एक-एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।

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