उज्जैन: कचरा वाहन के हाइड्रोलिक बॉक्स के नीचे दबकर ड्राइवर की मौत, तीन साल से कर रहा था काम
Ujjain News | उज्जैन में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां कचरा संग्रहण वाहन के हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी आने के कारण वाहन चालक की मौत हो गई। घटना के समय ड्राइवर वाहन के हाइड्रोलिक बॉक्स की खराबी की जांच कर रहा था, तभी अचानक हाइड्रोलिक बॉक्स नीचे गिर गया और उसके ऊपर गिरने से उसकी मौत हो गई। यह घटना योगमाया मंदिर के पास वार्ड 12 में हुई। मृतक ड्राइवर संतोष चौहान (50 वर्ष) पिछले तीन साल से कचरा संग्रहण वाहन चला रहा था। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, संतोष चौहान उज्जैन नगर निगम के अधीन काम करने वाली ग्लोबल कंपनी के लिए कचरा संग्रहण वाहन चलाता था। 13 फरवरी की सुबह वह सामान्य रूप से वाहन लेकर कचरा संग्रहण के लिए निकला। काम के दौरान उसने वाहन के हाइड्रोलिक सिस्टम को ऊपर उठाया, लेकिन वह नीचे नहीं आ रहा था। खराबी की जांच करने के लिए वह हाइड्रोलिक बॉक्स के नीचे गया। इसी दौरान अचानक हाइड्रोलिक बॉक्स नीचे गिर गया और संतोष उसके नीचे दब गया। आसपास के लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हो चुका था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार का दर्द
संतोष के जीजा रवि गोमे ने बताया कि घटना के समय वह पास में ही चाय की दुकान खोल रहे थे। तभी एक सफाईकर्मी ने उन्हें सूचना दी कि संतोष वाहन के हाइड्रोलिक बॉक्स के नीचे दब गया है। वह तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन तब तक संतोष की हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि संतोष पिछले तीन साल से इस कंपनी के लिए काम कर रहा था और उसे महज 6,000 रुपए प्रतिमाह वेतन मिलता था। कंपनी ने उसका न तो बीमा कराया था और न ही पीएफ जैसी कोई सुविधा दी थी। परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है और अब उन्होंने कंपनी से मुआवजे की मांग की है।
कंपनी की लापरवाही
घटना के बाद कंपनी की लापरवाही सामने आई है। ग्लोबल कंपनी के ऑपरेशन मैनेजर पारस जैन ने बताया कि शहर में 80-90 कचरा संग्रहण वाहन संचालित हो रहे हैं, और ड्राइवरों को महज 7,000 रुपए प्रति माह वेतन दिया जाता है, हालांकि संतोष के परिजनो ने इस बात का खंडन करते हुए कहा कि उसे केवल 6,000 रुपए ही मिलते थे। कंपनी ने कर्मचारियों के लिए कोई बीमा या पीएफ जैसी सुविधाएं नहीं दी हैं जो कि कर्मचारियों के शोषण को दर्शाता है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद खाराकुआं थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया है और मामले की जांच शुरू कर दी है, पुलिस ने कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की संभावना जताई है। साथ ही, परिवार ने कंपनी से मुआवजे की मांग की है, लेकिन अभी तक कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल
यह घटना एक बार फिर कर्मचारियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर सवाल खड़े करती है, कंपनी द्वारा कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन दिया जाना, बीमा और पीएफ जैसी सुविधाओं का अभाव, और काम के दौरान सुरक्षा उपायों की कमी इस घटना के मुख्य कारणों में से हैं। इस घटना के बाद नगर निगम और ग्लोबल कंपनी पर कर्मचारियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग उठने लगी है।
नगर निगम की जिम्मेदारी
नगर निगम द्वारा शहर के कचरा प्रबंधन का काम ग्लोबल कंपनी को दिया गया है। कंपनी के पास शहर में 80-90 वाहन हैं, जो कचरा संग्रहण का काम करते हैं। हालांकि, कर्मचारियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर कंपनी की लापरवाही सामने आई है। नगर निगम की जिम्मेदारी है कि वह कंपनी पर नजर रखे और कर्मचारियों की सुरक्षा और अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए कड़े नियम लागू करे।
संतोष चौहान की मौत एक दुखद घटना है, जो कर्मचारियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस घटना के बाद नगर निगम और ग्लोबल कंपनी को कर्मचारियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। साथ ही, परिवार को तुरंत मुआवजा दिया जाना चाहिए और कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। Ujjain News
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