Ujjain news: रविवार की सुबह उज्जैन की सड़कों पर कुछ अलग ही दृश्य देखने को मिला, जब साल की दूसरी राहगीरी ने शहर को ऊर्जा, मुस्कान और उत्साह से भर दिया। उज्जैन-देवास रोड पर नगर निगम द्वारा आयोजित इस आयोजन में हजारों लोग अपने परिवारों के साथ पहुंचे। हल्की धूप, मॉर्निंग वॉक और रंग-बिरंगी गतिविधियों ने पूरे माहौल को किसी बड़े उत्सव जैसा बना दिया। बच्चे, युवा और बुजुर्ग—हर वर्ग के लोगों ने इस खुले मंच पर साथ-साथ खुशियां मनाईं।
फिटनेस और मनोरंजन का जीवंत मेल
इस राहगीरी में फिटनेस और मनोरंजन का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने हर किसी को अपनी ओर खींच लिया। एक ओर जुंबा सेशन में लोग थिरकते नजर आए, तो दूसरी ओर मंचों से भक्ति गीतों और फिल्मी धुनों की गूंज वातावरण को भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बना रही थी। पांच साल के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी ने नृत्य, संगीत और खेल गतिविधियों में पूरे जोश के साथ भाग लिया।

लोगों की भावनाओं से जुड़ी पहल
कार्यक्रम में केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकार भी झलके। विक्रम विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र एवं समाज कार्य अध्ययनशाला द्वारा लगाए गए मानसिक स्वास्थ्य स्टॉल पर लोगों की भावनाओं को समझने का प्रयास किया गया। पर्चियों के माध्यम से पूछे गए सवालों में कई लोगों ने खुशी को जीवन का सबसे बड़ा लक्ष्य बताया, वहीं कुछ ने परिवार और सहयोग की आवश्यकता को प्राथमिकता दी।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
विक्रम विश्वविद्यालय के सामने बने मंच पर एक बच्ची द्वारा प्रस्तुत भक्ति नृत्य ने दर्शकों का दिल जीत लिया। तबले की धुन पर बॉलीवुड गीतों की प्रस्तुतियों ने माहौल को और जीवंत कर दिया। कोठी रोड तक लोग दोस्तों और परिवार के साथ घूमते, हंसते और तस्वीरें खिंचवाते नजर आए।
सामूहिक सहभागिता ने बनाया आयोजन खास
छोटे बच्चों द्वारा भगवान शिव के पाठ से लेकर हनुमान चालीसा आधारित योग, कवि सम्मेलन, ऑर्केस्ट्रा और विभिन्न खेल गतिविधियों ने इस राहगीरी को यादगार बना दिया। सभापति कलावती यादव ने बताया कि यह आयोजन प्रतिवर्ष होता है और इस वर्ष इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। बड़ी संख्या में महिलाओं, बच्चों और पुरुषों की सहभागिता ने यह साबित कर दिया कि राहगीरी अब उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है।
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