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अमेरिका ईरान नौसैनिक हमला: समुद्र में डूबा ईरानी युद्धपोत, 87 नाविकों की मौत से तनाव बढ़ा

अमेरिका ईरान नौसैनिक हमला: समुद्र में डूबा ईरानी युद्धपोत, 87 नाविकों की मौत से तनाव बढ़ा
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हिंद महासागर में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ईरान नौसैनिक हमला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी चर्चा का विषय बन गया है।
अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरान के युद्धपोत आईआरआईएस डेना को टॉरपीडो से निशाना बनाए जाने की घटना के बाद दोनों देशों के बीच
तनाव और गहरा गया है। इस हमले में 87 ईरानी नाविकों की मौत की खबर सामने आई है, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

ईरान ने इस कार्रवाई को समुद्र में हुआ “अत्याचार” बताया है और अमेरिका को इसके गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।
वहीं इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

अमेरिका ईरान नौसैनिक हमला के बाद बढ़ा वैश्विक तनाव

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ईरान नौसैनिक हमला मंगलवार रात हुआ जब अमेरिकी पनडुब्बी ने
ईरान के युद्धपोत आईआरआईएस डेना को टॉरपीडो से निशाना बनाया। यह जहाज कुछ ही हफ्ते पहले भारत में हुए एक
नौसैनिक अभ्यास में भी शामिल हुआ था।

हमले के बाद जहाज में जोरदार विस्फोट हुआ और उसका पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे
वह धीरे-धीरे समुद्र में डूबने लगा। यह घटना द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार है जब अमेरिकी सेना ने
किसी दुश्मन जहाज को टॉरपीडो से डुबोया है।

घायलों का इलाज और लापता लोगों की तलाश जारी

हमले के बाद बचाए गए नाविकों को श्रीलंका के गाले बंदरगाह स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अधिकारियों के अनुसार 32 नाविकों को सुरक्षित निकाला गया, जिनका इलाज चल रहा है और उनकी हालत
फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

इसके साथ ही लगभग 60 लापता लोगों की तलाश के लिए समुद्र में खोज और बचाव अभियान जारी है।
अधिकारियों का कहना है कि राहत कार्य लगातार चल रहा है और उम्मीद है कि कुछ और नाविकों का पता लगाया जा सकेगा।

अमेरिकी अभियान और ईरान की प्रतिक्रिया

अमेरिकी रक्षा अधिकारियों के अनुसार अमेरिका ईरान नौसैनिक हमला व्यापक सैन्य अभियान का हिस्सा है,
जिसका उद्देश्य ईरान की नौसैनिक क्षमता को कमजोर करना बताया जा रहा है। पेंटागन का दावा है कि अब तक
20 से अधिक ईरानी नौसैनिक जहाज नष्ट किए जा चुके हैं।

वहीं ईरान ने इस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अमेरिका को इसका “कड़वा पछतावा” होगा।
तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसे हमले जारी रहे तो क्षेत्र में संघर्ष और तेज हो सकता है।

युद्ध का दायरा बढ़ने की आशंका

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका ईरान नौसैनिक हमला के बाद मध्य पूर्व और हिंद महासागर
क्षेत्र में संघर्ष का दायरा और बढ़ सकता है। इस बीच दोनों पक्षों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाएं भी
लगातार सामने आ रही हैं।

आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि कूटनीतिक प्रयास इस तनाव को कम कर पाते हैं या
दुनिया एक बड़े सैन्य टकराव की ओर बढ़ती है।

 

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