मध्य प्रदेश सरकार वन विहार भोपाल में अफ्रीकी वन्यजीवों को लाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। राज्य के वन विभाग ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि बोत्सवाना से जिराफ और जेब्रा आयात करने की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए। प्रस्ताव के अनुसार वन विहार भोपाल में पांच जेब्रा और पांच जिराफ लाए जा सकते हैं। यदि सभी जरूरी अनुमतियां मिल जाती हैं तो आने वाले समय में भोपाल के इस प्रसिद्ध नेशनल पार्क में अफ्रीकी वन्यजीवों की झलक देखने को मिलेगी।
मध्य प्रदेश सरकार इस पहल को राज्य के वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने की बड़ी योजना का हिस्सा मान रही है।
वन विहार भोपाल में लाए जाएंगे जिराफ और जेब्रा
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार वन विहार भोपाल के लिए बोत्सवाना से कुल दस जानवर लाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें तीन साल के लगभग उम्र के दो नर और तीन मादा जेब्रा शामिल होंगे। इसके अलावा दो नर और तीन मादा जिराफ भी आयात करने की योजना बनाई गई है।
अधिकारियों का कहना है कि इसी आयु वर्ग के जानवर नए वातावरण में आसानी से ढल सकते हैं और भविष्य में प्रजनन की संभावना भी अधिक रहती है। इसलिए वन विहार भोपाल के लिए इसी उम्र के जानवरों को चुना गया है।
अफ्रीकी सफारी जैसा अनुभव देने की योजना
वन विहार भोपाल में जिराफ और जेब्रा लाने का उद्देश्य पर्यटकों को अफ्रीकी सवाना जैसा अनुभव देना है। राज्य सरकार पहले ही कुनो नेशनल पार्क में चीता परियोजना के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ चुकी है।
वन विभाग का मानना है कि यदि वन विहार भोपाल में अफ्रीकी प्रजातियों को शामिल किया जाता है तो इससे पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा और वन्यजीवों के प्रति लोगों की रुचि बढ़ेगी।
मंजूरी और नियमों की प्रक्रिया बाकी
इस योजना को लागू करने से पहले कई औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसमें वन्यजीव आयात परमिट, क्वारंटीन नियम और अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव व्यापार से जुड़े नियमों की मंजूरी शामिल है।
वन विभाग के सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार से अनुमति मिलते ही वन विहार भोपाल में इन जानवरों के लिए उपयुक्त बाड़े और प्राकृतिक वातावरण तैयार किया जाएगा।
योजना पर उठे सवाल
हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर कुछ वन्यजीव विशेषज्ञों और कार्यकर्ताओं ने सवाल भी उठाए हैं। वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे का कहना है कि देश में कई स्थानीय वन्यजीव आवास संरक्षण की चुनौतियों से जूझ रहे हैं, ऐसे में विदेशी प्रजातियों को लाने को प्राथमिकता देना सही नहीं है।
फिलहाल अंतिम निर्णय केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा, जिसके बाद यह साफ होगा कि वन विहार भोपाल में अफ्रीकी जिराफ और जेब्रा कब तक दिखाई देंगे।
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