वास्तु दोष निवारण का अचूक उपाय: मंगलवार और शनिवार को बनाएं स्वस्तिक, पाएं सुख-समृद्धि और शांति

वास्तु दोष निवारण का अचूक उपाय: मंगलवार और शनिवार को बनाएं स्वस्तिक, पाएं सुख-समृद्धि और शांति

स्वस्तिक: एक पवित्र प्रतीक और शक्तिशाली ऊर्जा का स्रोत

Vastu Upay For Home | भारतीय संस्कृति और धर्म में स्वस्तिक को केवल एक धार्मिक चिह्न के रूप में ही नहीं, बल्कि एक अत्यंत शुभ, पवित्र और शक्तिशाली प्रतीक के रूप में मान्यता प्राप्त है। यह न केवल विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ में महत्वपूर्ण रूप से प्रयुक्त होता है, बल्कि वास्तु शास्त्र और ज्योतिष जैसे प्राचीन भारतीय विज्ञानों में भी इसका विशेष महत्व बताया गया है। स्वस्तिक को सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार और नकारात्मक शक्तियों का विनाशक माना जाता है। ऐसा दृढ़ता से माना जाता है कि यदि किसी घर में किसी भी प्रकार का वास्तु दोष मौजूद हो, तो उस नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और घर में सकारात्मकता का संचार करने के लिए मुख्य द्वार पर स्वस्तिक का चिह्न अवश्य बनाना चाहिए। इतना ही नहीं, यदि आप सप्ताह में दो विशिष्ट दिन, मंगलवार और शनिवार को नियमित रूप से अपने घर के मुख्य द्वार पर स्वस्तिक का निर्माण करती हैं, तो इससे आपके भविष्य में शुभता, समृद्धि और शांति की प्राप्ति के योग कई गुना बढ़ जाते हैं। Vastu Upay For Home

मंगलवार और शनिवार: स्वस्तिक निर्माण के लिए विशेष दिन

आपके घर के किसी भी स्थान पर यदि कोई वास्तु दोष व्याप्त है और आप उसे प्रभावी ढंग से दूर करना चाहते हैं, तो वास्तु शास्त्र के अनुसार सप्ताह के दो दिन स्वस्तिक का निर्माण करने के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माने जाते हैं: मंगलवार और शनिवार। इन दो दिनों को स्वस्तिक बनाने का विशेष महत्व इसलिए है क्योंकि ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इन दोनों दिनों का सीधा संबंध क्रमशः मंगल और शनि ग्रहों से माना जाता है। मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस, शक्ति और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है, जबकि शनि ग्रह कर्म, न्याय, अनुशासन और स्थिरता का प्रतिनिधित्व करते हैं। यदि किसी व्यक्ति के जीवन में वास्तु दोष के कारण लगातार परेशानियां बनी रहती हैं, तो इन विशिष्ट दिनों में स्वस्तिक का उपाय अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो सकता है, क्योंकि यह इन ग्रहों की सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और नकारात्मक प्रभावों को शांत करता है। Vastu Upay For Home

घर पर स्वस्तिक बनाने की सरल और प्रभावी विधि

घर के मुख्य द्वार पर स्वस्तिक का निर्माण एक सरल लेकिन अत्यंत शक्तिशाली उपाय है। इसे विधिपूर्वक करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह सुनिश्चित होता है। स्वस्तिक बनाने की प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. मुख्य द्वार की स्वच्छता: सबसे पहले, अपने घर के मुख्य द्वार को अच्छी तरह से साफ करें। किसी भी प्रकार की धूल, गंदगी या नकारात्मक ऊर्जा को हटाने के लिए शुद्ध जल से द्वार को पोंछ लें।
  2. पवित्र सामग्री का चयन: आप मुख्य द्वार पर स्वस्तिक बनाने के लिए विभिन्न पवित्र सामग्रियों का उपयोग कर सकती हैं, जैसे कि हल्दी का पेस्ट (जो शुभता और समृद्धि का प्रतीक है), कुमकुम (जो देवी लक्ष्मी का प्रतीक है), रोली (जो ऊर्जा और सुरक्षा का प्रतिनिधित्व करती है), या चंदन का पेस्ट (जो शांति और सकारात्मकता लाता है)। अपनी श्रद्धा और उपलब्धता के अनुसार किसी भी एक सामग्री का चयन करें।
  3. मंत्रोच्चारण: स्वस्तिक बनाते समय पवित्र मंत्रों का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। आप ‘ॐ श्री गणेशाय नमः’ (जो सभी विघ्नों को हरने वाले भगवान गणेश का मंत्र है) या ‘ॐ नमः शिवाय’ (जो कल्याणकारी भगवान शिव का मंत्र है) का जाप कर सकती हैं। इन मंत्रों के जाप से स्वस्तिक में शुभता और आध्यात्मिक शक्ति का संचार होता है।
  4. शुभ और लाभ का अंकन: स्वस्तिक के चारों ओर ‘शुभ’ और ‘लाभ’ शब्द लिखना भी अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। यह मान्यता है कि ये शब्द घर में सुख-समृद्धि, धन और सौभाग्य को आकर्षित करते हैं।
  5. अर्घ्य और समर्पण: स्वस्तिक बनाने के पश्चात, इसके चारों कोनों पर चावल के दाने और ताजे फूल अर्पित करना वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखने और देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
  6. नियमितता: वास्तु दोषों से मुक्ति और घर में स्थायी सुख-शांति और समृद्धि के वास के लिए यह उपाय हर मंगलवार और शनिवार को नियमित रूप से करना शुभ माना जाता है। Vastu Upay For Home

घर पर स्वस्तिक बनाने से प्राप्त होने वाले अद्भुत लाभ

घर पर नियमित रूप से स्वस्तिक बनाने से अनेक प्रकार के वास्तु दोषों का निवारण होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। यह उपाय विशेष रूप से तब प्रभावी होता है जब घर में तिरछे द्वार, असंतुलित खिड़की या दरवाजे हों, या किसी भी दिशा में कोई वास्तु दोष मौजूद हो। स्वस्तिक इन सभी प्रकार के दोषों को संतुलित करने और नकारात्मक प्रभावों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। घर पर स्वस्तिक बनाने से प्राप्त होने वाले कुछ प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:

  1. नकारात्मक ऊर्जा का नाश और सकारात्मक ऊर्जा का संचार: यदि घर में किसी भी प्रकार की नकारात्मक शक्ति प्रभावी हो, तो स्वस्तिक अपनी शक्तिशाली ऊर्जा से उस नकारात्मकता को समाप्त कर देता है और पूरे घर में एक सकारात्मक और शांत वातावरण तैयार करता है।
  2. धन और समृद्धि का प्रवाह: स्वस्तिक का निर्माण घर में धन के प्रवाह को बेहतर बनाता है और नौकरी व व्यापार में उन्नति के नए अवसर प्रदान करता है। यह उपाय अप्रत्याशित धन हानि को रोकने में भी सहायक सिद्ध होता है।
  3. मानसिक शांति और पारिवारिक सौहार्द: यह सरल उपाय घर के सदस्यों के बीच व्याप्त मानसिक तनाव को दूर करने में मदद करता है और उनके बीच प्रेम, सद्भाव और आपसी समझ को बढ़ाता है, जिससे पारिवारिक जीवन सुखमय बनता है।
  4. स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में कमी: घर के मुख्य द्वार पर स्वस्तिक बनाने से यह घर में सकारात्मक ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है, जिसके परिणामस्वरूप घर के सदस्यों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में कमी आने की संभावना रहती है। सकारात्मक ऊर्जा शरीर और मन को स्वस्थ रखने में सहायक होती है।
  5. ग्रह दोषों का शमन: यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि या मंगल ग्रह से संबंधित कोई दोष हो, तो मंगलवार और शनिवार को मुख्य द्वार पर स्वस्तिक बनाने का यह उपाय उन दोषों के नकारात्मक प्रभावों को शांत करने और जीवन में संतुलन लाने में मदद करता है।
  6. वास्तु दोषों का निवारण: स्वस्तिक सिर्फ एक पारंपरिक धार्मिक चिह्न ही नहीं है, बल्कि इसे एक शक्तिशाली ऊर्जा स्रोत भी माना जाता है, जो घर में सकारात्मकता और संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह घर के कई प्रकार के वास्तु दोषों को प्रभावी ढंग से दूर करने में सहायक होता है, जिससे घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है। Vastu Upay For Home

उन्नति और शांति के लिए अपनाएं यह सरल उपाय

मंगलवार और शनिवार को घर के मुख्य द्वार पर स्वस्तिक बनाना एक सरल लेकिन अत्यंत प्रभावी उपाय है, जिसे अपनाकर आप अपने घर और परिवार को विभिन्न प्रकार के वास्तु दोषों से मुक्त कर सकते हैं। यदि आप भी नियमित रूप से इस उपाय का पालन करते हैं, तो निश्चित रूप से आप अपने जीवन में उन्नति, समृद्धि और आंतरिक शांति का अनुभव कर सकते हैं। यह एक प्राचीन और आजमाई हुई विधि है जो आज भी उतनी ही प्रासंगिक और लाभकारी है। तो, क्यों न आप भी इस सरल उपाय को अपनाकर अपने घर में सकारात्मकता और खुशहाली का स्वागत करें?

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