विप्रो एआई यूनिट लॉन्च की खबर ऐसे समय आई है जब भारतीय आईटी दिग्गज को हाल ही में शेयर बाजार में झटका लगा था। SaaS सेक्टर में आई गिरावट और Anthropic के Claude Cowork टूल के असर के बाद अब विप्रो एआई यूनिट लॉन्च के जरिए नई रणनीति के साथ आगे बढ़ रहा है। कंपनी का लक्ष्य एंटरप्राइज लेवल पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान तैयार करना है, जिससे भविष्य में नए बिजनेस अवसर पैदा हो सकें।
विप्रो एआई यूनिट लॉन्च से क्या होगा बदलाव
विप्रो एआई यूनिट लॉन्च के तहत कंपनी ने AI-Native Business and Platforms डिवीजन बनाया है, जो एजेंटिक एआई सॉल्यूशंस विकसित करेगा। इस यूनिट में कंपनी के कई बड़े प्लेटफॉर्म्स को एक साथ लाया जाएगा, जिनमें NetOxygen, CROAMIS और हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म्स IHS और HPS शामिल हैं। इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए विप्रो अलग-अलग इंडस्ट्री के लिए खास एआई सॉल्यूशंस तैयार करेगा।
इस नई पहल के जरिए कंपनी एंटरप्राइज ग्राहकों को बेहतर ऑटोमेशन और स्मार्ट टेक्नोलॉजी सेवाएं देने की योजना बना रही है। साथ ही विप्रो वेंचर्स और अपने पार्टनर नेटवर्क के साथ मिलकर नए एआई आधारित बिजनेस मॉडल भी तैयार करेगी।
नेतृत्व और साझेदारी में भी बड़ा बदलाव
विप्रो एआई यूनिट लॉन्च के साथ ही नागेंद्र बंदारू को इस नए डिवीजन का सीईओ नियुक्त किया गया है। वह करीब तीन दशकों से कंपनी के साथ जुड़े हुए हैं और सीधे सीईओ श्रीनिवास पल्लिया को रिपोर्ट करेंगे। इससे पहले वह टेक्नोलॉजी सर्विसेज ग्लोबल बिजनेस लाइंस में अहम भूमिका निभा चुके हैं।
विप्रो पहले भी माइक्रोसॉफ्ट के साथ Azure OpenAI के जरिए GenAI टूल्स पर काम कर चुका है। इसके अलावा कंपनी की सहायक इकाई Capco ने भी OpenAI के साथ साझेदारी की थी, जिससे एआई टेक्नोलॉजी में कंपनी की पकड़ मजबूत हुई है।
SaaS सेक्टर में बढ़ता एआई का दबाव
विप्रो एआई यूनिट लॉन्च ऐसे समय हुआ है जब SaaS इंडस्ट्री में एआई को लेकर चिंता बढ़ रही है। Claude Cowork जैसे टूल्स कई कामों को ऑटोमेट करने की क्षमता रखते हैं, जिससे पारंपरिक SaaS कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है। Anthropic जैसी नई कंपनियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं और उनकी मार्केट वैल्यू भारत की बड़ी आईटी कंपनियों से भी अधिक हो चुकी है।
इस स्थिति में विप्रो एआई यूनिट लॉन्च कंपनी के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, जिससे वह बदलते टेक ट्रेंड्स के साथ खुद को मजबूत कर सके।
अमेरिका यूनिट में इस्तीफा, कंपनी पर असर
विप्रो एआई यूनिट लॉन्च के बीच कंपनी को एक और झटका तब लगा जब Americas-2 यूनिट की सीईओ सुजैन डैन ने इस्तीफा दे दिया। यह यूनिट कंपनी की कुल आय का लगभग एक-तिहाई हिस्सा संभालती है और इसमें अमेरिका के बैंकिंग, फाइनेंस और एनर्जी सेक्टर के बड़े क्लाइंट शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि सुजैन डैन व्यक्तिगत कारणों से कंपनी छोड़ रही हैं। हालांकि इस बदलाव का कंपनी की रणनीति पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले समय में साफ होगा।
निष्कर्ष
विप्रो एआई यूनिट लॉन्च कंपनी के लिए एक बड़ा और जरूरी कदम है, जो उसे एआई की दौड़ में आगे बनाए रखने में मदद कर सकता है। बदलते टेक्नोलॉजी माहौल में यह फैसला कंपनी के भविष्य को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।
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