चंद्रग्रहण मोक्ष के बाद शिप्रा में स्नान, नदी में नजर आने लगे बड़ी गणेश प्रतिमाओं के अवशेष, कई लोग नाले के पास प्रतिमाएं छोड़ गए
Ujjain News | उज्जैन। रविवार देर रात पूर्ण चंद्रग्रहण के बाद इसका मोक्ष हुआ। इसके बाद सोमवार सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामघाट क्षेत्र में पहुंचे और पवित्र शिप्रा नदी में स्नान किया। इस बीच, शिप्रा नदी का जलस्तर छोटे पुल से नीचे उतर गया, जिसके कारण रामघाट और छोटे पुल के बीच नदी में कई स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं के अवशेष दिखाई दिए। नदी में मिलने वाले नालों के पास भी लोगों ने कई गणेश प्रतिमाएं छोड़ दीं, जो अब नजर आ रही हैं।

धार्मिक नगरी उज्जैन में ग्रहण के मोक्ष के उपरांत शिप्रा स्नान का विशेष महत्व रहता है। रविवार रात 9:58 बजे से देर रात 1:27 बजे तक चंद्रग्रहण रहा। ग्रहण के मोक्ष के बाद आज सुबह से बड़ी संख्या में लोग शिप्रा के घाटों पर पहुंचे और स्नान किया। इधर शनिवार को अनंत चतुर्दशी के दिन शिप्रा उफान पर थी और छोटा पुल डूब गया था तथा बड़े पुल से 5 फीट नीच नदी का पानी बह रहा था। इसके बावजूद कई बड़ी गणेश प्रतिमाएं रामघाट और छोटे पुल के मध्य विसर्जित की गई थी। कई लोग तो छोटे पुल तथा बड़े पुल के समीप बड़े नाले जो सीधे शिप्रा में मिलते हैं उनके नजदीक ही गणेश प्रतिमाएं विसर्जित कर गए थे। कल शाम से ही शिप्रा का जल स्तर उतरने लगा था और आज सुबह 9 बजे के लगभग नदी का पानी छोटे पुल से भी उतर गया था। इसके कारण बीच नदी में कई जगह विसर्जित की गई बड़ी गणेश प्रतिमाओं के अवशेष नजर आ रहे थे। इतना ही नहीं नालों के पास भी कई प्रतिमाएं दिखाई दे रही थी। यह नजारा कई लोगों के धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला था। इधर नदी का पानी उतरने के बाद पूरे छोटे पुल पर कीचड़ और गाद जमी नजर आ रही थी। रामघाट से छोटे पुल के बीच घाटों पर भी कीचड़ और फिसलन थी। नगर निगम ने आज सुबह 10 बजे तक घाटों की सफाई शुरु नहीं की थी।

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