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उज्जैन होम स्टे योजना से बदलेगी गांवों की तस्वीर, सिंहस्थ में श्रद्धालुओं को मिलेगा सस्ता और शांत ठिकाना

उज्जैन होम स्टे योजना से बदलेगी गांवों की तस्वीर, सिंहस्थ में श्रद्धालुओं को मिलेगा सस्ता और शांत ठिकाना
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सिंहस्थ 2028 को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। उज्जैन होम स्टे योजना के तहत अब शहर के आसपास के गांवों में बड़े पैमाने पर होम स्टे विकसित किए जाएंगे, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किफायती और स्वच्छ ठहरने की सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को इस योजना को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

गांवों में तैयार होंगे आधुनिक होम स्टे

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि उज्जैन शहर से लगभग 30 किलोमीटर की परिधि में आने वाले गांवों में होम स्टे विकसित किए जाएं। खासतौर पर मुख्य सड़कों से जुड़े ग्रामीण इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

पर्यटन विभाग ग्रामीणों के बड़े और खुले घरों को होम स्टे में बदलने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग देगा। इसके साथ ही किसानों के खेतों और ग्रामीण परिवेश का भी रचनात्मक उपयोग किया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य है कि सिंहस्थ मेले के दौरान आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को होटल की भीड़भाड़ से दूर शांत और प्राकृतिक वातावरण में रहने का अवसर मिले।

श्रद्धालुओं को मिलेगा सस्ता और स्वच्छ ठिकाना

योजना के तहत तैयार होने वाले होम स्टे में श्रद्धालुओं को कम खर्च में रहने की सुविधा मिलेगी। ग्रामीण परिवेश, मालवा की संस्कृति और पारंपरिक आतिथ्य इस योजना की सबसे बड़ी खासियत मानी जा रही है।

सरकार का मानना है कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को एक अलग अनुभव प्राप्त होगा।

ग्रामीणों के लिए खुलेगा रोजगार का नया रास्ता

यह योजना केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीणों की आय बढ़ाने का भी बड़ा माध्यम बनेगी। जिन परिवारों के घरों में अतिरिक्त कमरे हैं, वे उन्हें किराये पर देकर अच्छी कमाई कर सकेंगे।

इसके जरिए गांवों में स्वरोजगार बढ़ेगा और स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत होने का अवसर मिलेगा।

इंदौर रोड के गांवों से होगी शुरुआत

जिला प्रशासन ने योजना पर काम शुरू कर दिया है। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के अनुसार पहले चरण में उज्जैन-इंदौर रोड पर स्थित डेंडिया-मेंडिया गांव में लगभग 30 होम स्टे यूनिट तैयार करने की योजना है।

इसके बाद जिन गांवों से आवेदन प्राप्त होंगे, वहां भी होम स्टे विकसित किए जाएंगे। प्रशासन सभी होम स्टे की सूची तैयार कर पर्यटन विभाग के जरिए उनका प्रचार करेगा।

2023 में शुरू हुई थी योजना

मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड ने वर्ष 2023 में उज्जैन शहर में होम स्टे योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत स्थानीय नागरिक अपने अतिरिक्त कमरों को पर्यटकों के लिए किराये पर उपलब्ध करा सकते हैं।

पर्यटन विभाग द्वारा पंजीकृत इकाइयों को ऑनलाइन प्रचार और तकनीकी सहायता भी दी जाती है, जिससे उन्हें अधिक पर्यटक मिल सकें।

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