देवउठनी एकादशी पर बाल विवाह पर कड़ी निगरानी: उज्जैन प्रशासन ने उड़नदस्ते और कंट्रोल रूम गठित किए, सूचना पर तत्काल कार्रवाई
Ujjain News | देवउठनी एकादशी के अवसर पर जिले भर में होने वाले विवाह समारोहों के मद्देनजर उज्जैन जिला प्रशासन ने बाल विवाह रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। कलेक्टर के सख्त निर्देशों पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने सक्रिय भूमिका निभाई है। प्रशासन ने उड़नदस्ते, कंट्रोल रूम और सूचना दलों का गठन किया है, ताकि बाल विवाह की किसी भी घटना पर तुरंत कार्रवाई हो सके। इस बार सामूहिक विवाह आयोजनों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
प्रशासन की रणनीति: बाल विवाह पर नियंत्रण के लिए विशेष कदम
जिला कार्यक्रम अधिकारी ब्रजेश त्रिपाठी ने बताया कि देवउठनी एकादशी (जो 1 नवंबर 2025 को मनाई जाएगी) पर होने वाले विवाहों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- उड़नदस्ते का गठन: जिला स्तरीय उड़नदस्ते हर ग्राम और वार्ड स्तर पर सक्रिय रहेंगे।
- कंट्रोल रूम और सूचना दल: इन दलों को बाल विवाह की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
- ग्राम पंचायत स्तर पर निगरानी: हर पंचायत में सूचना दल के सदस्य विवाह समारोहों की जांच करेंगे।
- सामूहिक विवाहों पर फोकस: इन आयोजनों में बाल विवाह की संभावना अधिक होने से विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि समाज के लिए हानिकारक भी। इसलिए, नागरिकों से अपील की गई है कि वे संदिग्ध मामलों की सूचना दें।
शिकायत दर्ज करने के लिए हेल्पलाइन नंबर
प्रशासन ने सूचना देने के लिए आसान माध्यम उपलब्ध कराए हैं। नागरिक निम्न नंबरों पर कॉल या मैसेज कर सकते हैं:
| हेल्पलाइन नंबर | विवरण |
|---|---|
| 94254-43170 | बाल विवाह सूचना हेल्पलाइन |
| 1098 | चाइल्ड हेल्पलाइन |
| 112 | इमरजेंसी कंट्रोल रूम |
| 181 | सीएम हेल्पलाइन |
ये नंबर 24×7 उपलब्ध रहेंगे, और सूचना पर तुरंत टीम रवाना की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस पर्व पर कोई बाल विवाह न हो, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे। नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा की गई है।









