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महाकाल मंदिर से बड़ी खबर महंत विनीत गिरी का इस्तीफा नए महंत की तलाश शुरू

महाकाल मंदिर
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उज्जैन के महाकाल मंदिर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जिसने श्रद्धालुओं और साधु संतों के बीच चर्चा को तेज कर दिया है। महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरी महाराज ने अपने पद से इस्तीफा भेज दिया है। हालांकि अभी तक अखाड़े की ओर से इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है लेकिन नए महंत की तलाश की चर्चा तेजी से फैल रही है।

स्वास्थ्य कारण बना इस्तीफे की वजह

बताया जा रहा है कि महंत विनीत गिरी महाराज पिछले कुछ समय से लगातार अस्वस्थ चल रहे हैं। उन्हें पीठ दर्द की गंभीर समस्या है और डॉक्टरों ने रीढ़ की हड्डी से जुड़ी परेशानी बताई है। पिछले एक महीने से वे स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं और इसी कारण उन्होंने अखाड़े को अपनी स्थिति बताते हुए पद छोड़ने की इच्छा जताई है। यह खबर सामने आते ही उनके अनुयायियों में चिंता का माहौल बन गया है।

छह साल पहले संभाली थी गादी की जिम्मेदारी

महंत विनीत गिरी महाराज को छह वर्ष पहले 13 मार्च को महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा महंत पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उस समय उन्हें विधिवत चादर ओढ़ाकर गादी पर बैठाया गया था। इसके बाद से वे महाकाल मंदिर में भस्म अर्पण और ओंकारेश्वर तथा रामेश्वर मंदिर में पूजन की जिम्मेदारी निभा रहे थे। उनके कार्यकाल को श्रद्धा और अनुशासन के लिए याद किया जाता है।

नए महंत की तलाश ने बढ़ाई हलचल

सूत्रों के अनुसार अखाड़े ने नए महंत की तलाश भी शुरू कर दी है। हालांकि अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन अंदरखाने इस विषय पर चर्चा जारी है। यह फैसला आने वाले समय में मंदिर व्यवस्था और परंपराओं पर असर डाल सकता है इसलिए सभी की नजरें अब अखाड़े के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं।

महानिर्वाणी अखाड़े की अहम भूमिका

महाकाल मंदिर में महानिर्वाणी अखाड़े की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। रोज सुबह होने वाली भस्म आरती में भगवान महाकाल को भस्म अर्पित करने की जिम्मेदारी अखाड़े के महंत या उनके प्रतिनिधि की होती है। इसके साथ ही ओंकारेश्वर और नागचंदेश्वर मंदिर में पूजन और मंदिर के शिखर पर ध्वज पूजन की परंपरा भी महंत द्वारा निभाई जाती है। ऐसे में महंत पद का बदलाव एक बड़ा धार्मिक और प्रशासनिक निर्णय माना जाता है।

महंत विनीत गिरी महाराज का इस्तीफा उज्जैन के धार्मिक क्षेत्र में एक अहम घटना बन गया है। अब सभी को अखाड़े के अंतिम फैसले का इंतजार है जो आने वाले समय में नई दिशा तय करेगा।

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