---Advertisement---

भोपाल बायपास परियोजना से चमकी अफसरों की जमीन, IAS-IPS निवेश पर उठे बड़े सवाल

भोपाल बायपास परियोजना से चमकी अफसरों की जमीन, IAS-IPS निवेश पर उठे बड़े सवाल
---Advertisement---

भोपाल बायपास परियोजना को लेकर मध्य प्रदेश में बड़ा विवाद सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार करीब 50 IAS और IPS अधिकारियों ने वर्ष 2022 में भोपाल के कोलार क्षेत्र स्थित गुराड़ी घाट गांव में कृषि भूमि खरीदी थी। इसके बाद सरकार ने उसी इलाके से गुजरने वाली 3200 करोड़ रुपये की बायपास परियोजना को मंजूरी दे दी। परियोजना स्वीकृत होते ही जमीन की कीमतों में अचानक कई गुना बढ़ोतरी हो गई, जिससे यह मामला सुर्खियों में आ गया।

भोपाल बायपास परियोजना के बाद बढ़ी जमीन की कीमत

भोपाल बायपास परियोजना की मंजूरी से पहले यह जमीन सामान्य कृषि भूमि मानी जा रही थी। बताया जा रहा है कि अप्रैल 2022 में लगभग पांच एकड़ जमीन एक ही दिन में खरीदी गई थी। कुछ महीनों बाद राज्य सरकार ने पश्चिमी बायपास परियोजना को मंजूरी दी, जो इस जमीन के बेहद करीब से गुजर रही है। इसके बाद जमीन का उपयोग कृषि से आवासीय श्रेणी में बदल दिया गया। इसी बदलाव के साथ जमीन की कीमत करीब 11 गुना तक बढ़ गई।

अफसरों के निवेश पर उठे सवाल

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस जमीन सौदे में मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, हरियाणा और तेलंगाना कैडर के अधिकारी भी शामिल थे। कई अधिकारियों ने इसे “समान सोच वाले अधिकारियों का निवेश” बताया है। हालांकि अब पूरे मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या परियोजना की जानकारी पहले से होने के कारण यह निवेश किया गया था।

जमीन सौदे पर बढ़ी राजनीतिक हलचल

भोपाल बायपास परियोजना से जुड़े इस मामले के सामने आने के बाद विपक्ष भी सरकार पर सवाल उठा रहा है। वहीं प्रशासनिक स्तर पर अभी तक किसी जांच की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। जमीन की मौजूदा बाजार कीमत अब 55 से 65 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने सरकारी अधिकारियों के निवेश और भूमि खरीद को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

read also: बडौद छेड़छाड़ मामला: नाबालिग की शिकायत पर आरोपी गिरफ्तार, पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट में बड़ी कार्रवाई

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---

Leave a Comment