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साउथ कोस्ट रेलवे जोन: रेलवे बोर्ड नाराज, कर्मचारियों की तैनाती में देरी से 1 जून की शुरुआत पर संकट

साउथ कोस्ट रेलवे जोन: रेलवे बोर्ड नाराज, कर्मचारियों की तैनाती में देरी से 1 जून की शुरुआत पर संकट
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देश में दो नई रेलवे इकाइयाँ — साउथ कोस्ट रेलवे जोन और ईस्ट कोस्ट रेलवे का रायगडा डिवीजन — 1 जून 2026 से परिचालन में आने वाली हैं। इसके लिए राजपत्र अधिसूचना भी जारी हो चुकी है। लेकिन विभिन्न रेलवे जोन कर्मचारियों को समय पर रिलीज नहीं कर रहे, जिससे रेलवे बोर्ड ने गहरी नाराजगी जताई है। बोर्ड ने गुरुवार को जारी एक आधिकारिक पत्र में स्पष्ट कहा कि इस लापरवाही से नई इकाइयों के सुचारु संचालन पर गंभीर असर पड़ सकता है।

क्या है पूरा मामला?

रेल मंत्रालय ने पहले ही सभी जोनल महाप्रबंधकों को निर्देश दिए थे कि जिन कर्मचारियों को अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल चुके हैं, उन्हें तत्काल रिलीज किया जाए। साथ ही लंबित अनापत्ति अनुरोधों पर 8 मई तक फैसला लेने को कहा गया था। बोर्ड ने 11 मई तक अनुपालन रिपोर्ट माँगी थी। लेकिन साउथ कोस्ट रेलवे जोन के लिए कर्मचारी रिलीज करने की गति बेहद धीमी रही और जोनों ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

आँकड़े बताते हैं कितनी बड़ी है समस्या

रेलवे बोर्ड ने जो आँकड़े सामने रखे हैं, वे चिंताजनक हैं। साउथ कोस्ट रेलवे जोन मुख्यालय के लिए 329 से अधिक अनापत्ति अनुरोध अभी भी लंबित हैं। रायगडा डिवीजन के लिए यह संख्या 271 है। स्वीकृति मिलने के बावजूद स्थिति यह है कि जोन मुख्यालय के लिए 526 कर्मचारियों के तबादले को मंजूरी दी गई थी, लेकिन 11 मई तक केवल 183 कर्मचारी ही कार्यभार ग्रहण कर पाए। इसी तरह रायगडा डिवीजन में 191 में से सिर्फ 47 कर्मचारी ही पहुँचे। यह अनुपात बेहद कम है और परिचालन तैयारी को कमज़ोर करता है।

1 जून की समयसीमा पर मँडरा रहा संकट

रेलवे बोर्ड का कहना है कि कर्मचारियों की इस कमी से नई इकाइयों की परिचालन तैयारी बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। साउथ कोस्ट रेलवे जोन और रायगडा डिवीजन को 1 जून से पूरी तरह कार्यशील होना है। इसके लिए प्रशिक्षित और अनुभवी कर्मचारियों की समय पर तैनाती बेहद जरूरी है। अगर यही रफ्तार रही तो निर्धारित तिथि तक दोनों इकाइयों को पूरी तरह तैयार करना मुश्किल हो जाएगा।

बोर्ड ने क्या किए निर्देश?

रेलवे बोर्ड ने अब सभी जोनों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जिन कर्मचारियों के अनापत्ति प्रमाण पत्र मंजूर हो चुके हैं और रिलीज का अनुरोध आ चुका है, उन्हें बिना किसी देरी के तत्काल भेजा जाए। इसके अलावा लंबित मामलों पर भी जल्द से जल्द निर्णय लेने को कहा गया है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निष्कर्ष

साउथ कोस्ट रेलवे जोन और रायगडा डिवीजन की 1 जून से शुरुआत एक महत्वाकांक्षी कदम है। लेकिन कर्मचारियों की समय पर तैनाती के बिना यह लक्ष्य अधूरा रह सकता है। रेलवे बोर्ड की कड़ी चेतावनी के बाद अब देखना होगा कि जोन कितनी तेजी से अनुपालन करते हैं और क्या 1 जून की समयसीमा पूरी हो पाती है।

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