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नोएडा मजदूर विरोध प्रदर्शन: आरोपी के खाते में विदेश से आए 1 करोड़ से अधिक रुपये, पुलिस ने किया खुलासा

नोएडा मजदूर विरोध प्रदर्शन: आरोपी के खाते में विदेश से आए 1 करोड़ से अधिक रुपये, पुलिस ने किया खुलासा
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नोएडा मजदूर विरोध प्रदर्शन की जाँच में पुलिस को एक चौंकाने वाला सुराग मिला है। गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने गुरुवार को दावा किया कि अप्रैल में हुए हिंसक श्रमिक आंदोलन से जुड़े एक आरोपी के व्यक्तिगत बैंक खाते में विदेशों से एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हुई। यह रकम डॉलर, पाउंड और यूरो के रूप में आरोपी सत्यम वर्मा के खाते में आई। इस खुलासे ने पूरे मामले को एक नया और गंभीर मोड़ दे दिया है।

13 अप्रैल को क्या हुआ था नोएडा में?

13 अप्रैल को गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र के 80 से अधिक स्थानों पर विभिन्न क्षेत्रों के करीब 40,000 से 45,000 मजदूर एकत्रित हो गए थे। इस भारी भीड़ ने सामान्य आवागमन को बाधित कर दिया। कुछ उपद्रवी तत्वों ने सेक्टर 63 और मदरसन कंपनी परिसर के पास दो स्थानों पर आगजनी की। पुलिस ने संयम बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने कई जगहों पर सड़कें जाम कर दीं। नोएडा मजदूर विरोध प्रदर्शन की यह घटना कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गई थी।

कौन है आरोपी सत्यम वर्मा?

जाँच में सत्यम वर्मा और आकृति नामक दो आरोपियों की भूमिका सबसे अहम पाई गई है। पुलिस के अनुसार दोनों ने हिंसक प्रदर्शन, आगजनी और सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करने में केंद्रीय भूमिका निभाई। इसके बाद दोनों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई। सत्यम वर्मा को 19 अप्रैल को लखनऊ से हिमांशु ठाकुर के साथ गिरफ्तार किया गया था। दोनों वामपंथी श्रमिक अधिकार संगठन ‘बिगुल मजदूर दस्ता’ के सक्रिय सदस्य बताए जा रहे हैं।

विदेशी पैसे का क्या हुआ इस्तेमाल?

पुलिस की जाँच में यह भी सामने आया कि सत्यम वर्मा ने विभिन्न विदेशी देशों से मिली यह राशि कई बार अपने अन्य व्यक्तिगत बैंक खातों में स्थानांतरित की। इन सभी खातों के लेन-देन की गहन जाँच और विश्लेषण अभी जारी है। पुलिस ने यह भी बताया कि वर्मा कई ऐसे संगठनों से जुड़ा है जो फिलहाल गहन निगरानी में हैं। हालाँकि पुलिस ने अभी तक यह नहीं बताया कि धन किन देशों से आया और कौन से संगठन जाँच के दायरे में हैं।

मामले के कथित मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी

इससे पहले पुलिस ने आदित्य आनंद को गिरफ्तार किया था, जिसे इन घटनाओं का कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। नोएडा मजदूर विरोध प्रदर्शन से जुड़े मामलों में अब तक कई गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। पुलिस अलग-अलग आरोपियों के आपसी संबंधों और संगठनात्मक ढाँचे की जाँच कर रही है।

निष्कर्ष

नोएडा मजदूर विरोध प्रदर्शन की जाँच अब केवल स्थानीय हिंसा तक सीमित नहीं रही। विदेशी फंडिंग का यह खुलासा मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा के नज़रिए से और गंभीर बनाता है। पुलिस बैंक लेन-देन की बारीकी से जाँच कर रही है और जल्द ही और बड़े खुलासे होने की संभावना है। यह मामला अब सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता बन चुका है।

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