एआई आधारित खोज तेजी से डिजिटल मार्केटिंग की दुनिया को बदल रही है। लिंक्डइन मार्केटिंग सॉल्यूशंस इंडिया के प्रमुख सचिन शर्मा का मानना है कि आने वाले समय में बी2बी ब्रांडों को केवल विज्ञापनों पर नहीं, बल्कि भरोसेमंद विशेषज्ञों, थॉट लीडरशिप और प्रभावशाली कहानी कहने की रणनीतियों पर अधिक निवेश करना होगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्लेटफॉर्म अब लोगों के उत्पाद और सेवाएं खोजने के तरीके को पूरी तरह बदल रहे हैं।
एआई आधारित खोज से बदल रहा है मार्केटिंग का स्वरूप
सचिन शर्मा के अनुसार, बड़ी भाषा मॉडल तकनीक और एआई संचालित सर्च टूल्स उपभोक्ताओं के निर्णय लेने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अब लोग किसी उत्पाद या सेवा के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए पारंपरिक सर्च इंजनों के बजाय एआई प्लेटफॉर्म का उपयोग अधिक कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्लेटफॉर्म आमतौर पर उन विशेषज्ञों और स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं जिन्हें विश्वसनीय माना जाता है। यही कारण है कि कंपनियों के लिए अपनी विशेषज्ञता और विश्वसनीयता को मजबूत करना पहले से अधिक जरूरी हो गया है।
थॉट लीडरशिप की बढ़ेगी अहमियत
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ब्रांड की पहचान केवल उसके उत्पादों से नहीं, बल्कि उसके विचारों और नेतृत्व क्षमता से भी तय होगी। सचिन शर्मा ने बताया कि कंपनियों को ऐसे कंटेंट पर ध्यान देना चाहिए जो लोगों को उपयोगी जानकारी और स्पष्ट दृष्टिकोण प्रदान करे।
उनके अनुसार, थॉट लीडरशिप और भरोसेमंद कंटेंट एआई प्लेटफॉर्म पर बेहतर दृश्यता हासिल करने में मदद कर सकते हैं। इससे कंपनियां अपने संभावित ग्राहकों तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंच सकेंगी।
लिंक्डइन पर बढ़ रहा कंटेंट का प्रभाव
सचिन शर्मा ने कहा कि लिंक्डइन अब केवल पेशेवर नेटवर्किंग का मंच नहीं रह गया है, बल्कि यह एक मजबूत कंटेंट और ब्रांड निर्माण प्लेटफॉर्म के रूप में उभर रहा है। भारत में उपयोगकर्ता न केवल अधिक समय बिता रहे हैं, बल्कि वीडियो और व्यक्तिगत अनुभवों से जुड़े कंटेंट भी बड़ी संख्या में साझा कर रहे हैं।
इस बदलाव के कारण प्लेटफॉर्म पर अधिक वास्तविक और मानवीय संवाद देखने को मिल रहे हैं। इससे ब्रांडों को अपने दर्शकों के साथ गहरा जुड़ाव बनाने का अवसर मिल रहा है।
एआई के साथ सावधानी भी जरूरी
हालांकि एआई कंटेंट निर्माण को आसान बना रहा है, लेकिन सचिन शर्मा ने अत्यधिक एआई-जनित सामग्री पर निर्भरता को लेकर चिंता भी जताई। उनका कहना है कि ब्रांडों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका कंटेंट मौलिक, उपयोगी और दर्शकों के लिए प्रासंगिक बना रहे।
उन्होंने कहा कि सफल मार्केटिंग केवल स्वचालन तक सीमित नहीं होगी, बल्कि सही दर्शकों की पहचान, उनकी जरूरतों को समझने और बेहतर जुड़ाव बनाने पर आधारित होगी।
भविष्य में दिखेंगे तीन बड़े बदलाव
सचिन शर्मा का मानना है कि भारत के बी2बी मार्केटिंग क्षेत्र में आने वाले वर्षों में तीन प्रमुख रुझान देखने को मिलेंगे। इनमें एआई का गहरा उपयोग, थॉट लीडरशिप में बढ़ता निवेश और ब्रांडों व कंटेंट क्रिएटर्स के बीच मजबूत सहयोग शामिल है।
उनका कहना है कि लोग उन व्यक्तियों और स्रोतों पर अधिक भरोसा करते हैं जिन्हें वे विश्वसनीय मानते हैं। यही कारण है कि प्रभावशाली विशेषज्ञों और क्रिएटर्स की भूमिका भविष्य में और मजबूत होने वाली है। ऐसे में ब्रांडों को अपनी रणनीतियों को बदलते डिजिटल माहौल के अनुरूप ढालना होगा।
read also: आज का राशिफल: इन राशियों के लिए खुल सकते हैं तरक्की के नए रास्ते, जानें कैसा रहेगा आपका दिन











