कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर देशभर में चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुई इस व्यंग्यात्मक समूह की वेबसाइट अचानक बंद होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी से जुड़े लोगों का दावा है कि उनकी वेबसाइट को ब्लॉक कर दिया गया है, जबकि एक्स अकाउंट भी भारत में दिखाई नहीं दे रहा।
यह समूह पिछले कुछ दिनों में युवाओं के बीच तेजी से वायरल हुआ था। बेरोजगारी और राजनीति पर तंज कसने वाली इस पहल को सोशल मीडिया पर करोड़ों लोगों का समर्थन मिला।
कॉकरोच जनता पार्टी की वेबसाइट बंद होने पर उठे सवाल
समूह के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उनकी वेबसाइट हटाई गई है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर “कॉकरोच से इतना डर क्यों?”
उन्होंने यह भी कहा कि समूह जल्द ही नए प्लेटफॉर्म के साथ वापसी करेगा। सोशल मीडिया पर उनका संदेश “कॉकरोच कभी नहीं मरते” तेजी से वायरल हो रहा है।
भारत में उनके एक्स अकाउंट को खोलने पर कानूनी मांग के कारण अकाउंट रोके जाने का संदेश दिखाई दे रहा है। वहीं संस्थापक ने अपने निजी इंस्टाग्राम अकाउंट के हैक होने का भी दावा किया है।
युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ समूह
यह व्यंग्यात्मक समूह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पार्टी भारतीय जनता पार्टी के नाम से मिलता-जुलता नाम इस्तेमाल करता है। समूह खुद को “आलसी और बेरोजगार युवाओं की आवाज” बताता है।
सोशल मीडिया पर इस संगठन ने AI से बनी तस्वीरों और मजेदार पोस्ट के जरिए बड़ी लोकप्रियता हासिल की। #MainBhiCockroach नाम का हैशटैग भी इंटरनेट पर ट्रेंड करने लगा।
दिलचस्प बात यह रही कि समूह के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या कई बड़ी राजनीतिक पार्टियों से भी ज्यादा बताई जा रही है।
बेरोजगारी और युवाओं की नाराजगी बनी बड़ी वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समूह की लोकप्रियता भारत के युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी और राजनीतिक उपेक्षा की भावना को दर्शाती है।
भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है, जहां बड़ी आबादी 30 वर्ष से कम उम्र की है। इसके बावजूद युवा वर्ग को राजनीति में पर्याप्त भागीदारी नहीं मिलने की शिकायत लंबे समय से उठती रही है।
हाल के दिनों में कुछ युवा कॉकरोच की पोशाक पहनकर सफाई अभियान और विरोध प्रदर्शन में भी दिखाई दिए, जिससे यह आंदोलन और ज्यादा चर्चा में आ गया।
सोशल मीडिया पर बहस तेज
वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट बंद होने के बाद इंटरनेट पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे व्यंग्य और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति बता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे राजनीतिक विवाद का नया रूप मान रहे हैं।
फिलहाल समूह की ओर से नए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वापसी की तैयारी की बात कही जा रही है।
read also: Geely Galaxy Starshine 7 लॉन्च होते ही मचाया धमाल, 220Km EV रेंज और 312kW पावर ने उड़ाए होश











