इंदौर चोरी कांड ने शहर में सनसनी फैला दी है। विजय नगर इलाके में स्थित एक निजी ऑफिस से लाखों रुपये चोरी होने के मामले में पुलिस ने आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी उसी ऑफिस का पूर्व कर्मचारी था, जिसे कुछ दिन पहले नौकरी से निकाल दिया गया था। गुस्से और बदले की भावना में उसने इस वारदात को अंजाम दिया।
इंदौर चोरी कांड में पूर्व कर्मचारी निकला आरोपी
पुलिस के मुताबिक विजय नगर स्थित एनआरके बिजनेस पार्क के एक ऑफिस से करीब 1.7 लाख रुपये चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और आसपास लगे 150 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक संदिग्ध युवक हेलमेट और कपड़े से चेहरा ढंककर ऑफिस में आता-जाता दिखाई दिया।
CCTV फुटेज से खुला पूरा राज
जांच के दौरान साइबर सेल और मुखबिरों की मदद से आरोपी की पहचान मुसाखेड़ी निवासी संजय बरोड़िया के रूप में हुई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने चोरी की बात कबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि वह पहले उसी ऑफिस में काम करता था, लेकिन नौकरी जाने के बाद उसने बदला लेने के लिए चोरी की योजना बनाई थी।
आरोपी के घर से बरामद हुई नकदी
पुलिस ने आरोपी के घर से करीब 1.5 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि चोरी की रकम में से लगभग 20 हजार रुपये वह अपने निजी खर्च और वाहन मरम्मत में खर्च कर चुका था। फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और आरोपी से अन्य जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
पुलिस ने लोगों को दी अहम सलाह
घटना के बाद पुलिस ने कंपनियों और व्यापारिक संस्थानों को कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड रखने और पूर्व कर्मचारियों का सत्यापन करने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने से इस तरह की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।











