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रेलवे वेटिंग टिकट नियम में बड़ा बदलाव: अब यात्रियों को मिलेगी राहत, भीड़ पर लगेगी लगाम

रेलवे वेटिंग टिकट नियम में बड़ा बदलाव: अब यात्रियों को मिलेगी राहत, भीड़ पर लगेगी लगाम
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भारतीय रेलवे ने रेलवे वेटिंग टिकट नियम में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करना और यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव देना है। लंबे समय से एसी और स्लीपर कोचों में अत्यधिक वेटिंग लिस्ट और भीड़भाड़ को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।

रेलवे वेटिंग टिकट नियम में क्या बदला

नई व्यवस्था के तहत स्लीपर कोचों में वेटिंग टिकटों की संख्या सीमित कर दी जाएगी। अब कुल सीटों के लगभग 30 प्रतिशत तक ही वेटिंग टिकट जारी किए जाएंगे। इसके चलते प्रति कोच वेटिंग टिकटों की संख्या पहले की तुलना में काफी कम हो जाएगी।

वहीं एसी कोचों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले जहां वेटिंग टिकटों की संख्या काफी अधिक हो जाती थी, अब कुल सीटों के लगभग 60 प्रतिशत तक ही वेटिंग टिकट जारी किए जा सकेंगे। रेलवे का मानना है कि इससे यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी।

भीड़भाड़ कम करने पर फोकस

पिछले कुछ वर्षों में कई ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिली थी। कई बार यात्रियों को कोचों के दरवाजों, गलियारों और शौचालयों के पास खड़े होकर यात्रा करनी पड़ती थी। विशेष रूप से स्लीपर और थर्ड एसी कोचों में लंबी वेटिंग लिस्ट बड़ी समस्या बन गई थी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नई नीति लागू होने के बाद अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर होगी और यात्रियों को अधिक आरामदायक यात्रा अनुभव मिल सकेगा।

यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि यात्रियों को टिकट बुकिंग के समय वास्तविक स्थिति का बेहतर अंदाजा मिलेगा। अत्यधिक वेटिंग लिस्ट बनने की समस्या कम होगी और यात्रा के दौरान कोचों में भीड़भाड़ घटेगी।

रेलवे का मानना है कि इससे कन्फर्म सीट मिलने की संभावना पहले की तुलना में बेहतर होगी। साथ ही ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा दोनों में सुधार आएगा।

सीट नहीं मिलने पर रेलवे को देना पड़ा मुआवजा

इसी बीच एक उपभोक्ता आयोग ने रेलवे को यात्रियों को आरक्षित सीट उपलब्ध नहीं कराने के मामले में जिम्मेदार ठहराया है। शिकायत के अनुसार, चार यात्रियों को कन्फर्म टिकट होने के बावजूद अपनी सीट नहीं मिली और उन्हें पूरी यात्रा खड़े होकर करनी पड़ी।

आयोग ने रेलवे को टिकट राशि लौटाने के साथ मुआवजा देने का आदेश दिया है। फैसले में कहा गया कि यात्रियों को मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा, जिसके लिए रेलवे जिम्मेदार है।

रेलवे की नई नीति और हालिया फैसले यह संकेत देते हैं कि यात्रियों की सुविधाओं और अधिकारों को लेकर अब अधिक गंभीरता दिखाई जा रही है। आने वाले समय में इन बदलावों का सीधा लाभ लाखों रेल यात्रियों को मिल सकता है।

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