देश में बढ़ती ईंधन कीमतों के बीच टाटा मोटर्स ईवी मांग में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिल रही है। कंपनी का कहना है कि पिछले दो महीनों में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति ग्राहकों की रुचि और बुकिंग में बड़ा उछाल आया है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती लागत से बचने के लिए अब अधिक लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को बेहतर विकल्प के रूप में देख रहे हैं।
टाटा मोटर्स ईवी मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
टाटा मोटर्स के अनुसार हाल के महीनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग पहले की तुलना में दो से ढाई गुना तक बढ़ गई है। कंपनी का मानना है कि ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और वैश्विक परिस्थितियों ने उपभोक्ताओं को कम परिचालन लागत वाले वाहनों की ओर आकर्षित किया है। ग्राहकों के बीच अब यह सोच तेजी से विकसित हो रही है कि उनके पास कम से कम एक इलेक्ट्रिक वाहन होना चाहिए।
कंपनी फिलहाल हर महीने लगभग 10 हजार इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन कर रही है, लेकिन बढ़ती मांग को देखते हुए उत्पादन क्षमता को अगले कुछ महीनों में बढ़ाकर 15 हजार यूनिट प्रतिमाह करने की योजना बनाई गई है।
उत्पादन बढ़ाने की तैयारी में कंपनी
मांग में तेज उछाल के कारण कंपनी अपने उत्पादन नेटवर्क को मजबूत करने पर काम कर रही है। हालांकि कंपनी का कहना है कि सबसे बड़ी चुनौती उत्पादन नहीं बल्कि सप्लाई चेन और पुर्जों की उपलब्धता है। कई सप्लायरों को अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त निवेश और नई तकनीक की जरूरत पड़ सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौजूदा रुझान जारी रहता है तो कंपनी इस वित्तीय वर्ष में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री का नया रिकॉर्ड बना सकती है।
बढ़ती ईंधन कीमतों का दिख रहा असर
ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने आम उपभोक्ताओं के मासिक बजट पर दबाव बढ़ाया है। ऐसे में ग्राहक अब ऐसे विकल्पों की तलाश कर रहे हैं जिनकी रनिंग कॉस्ट कम हो। यही कारण है कि इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
ऑटो उद्योग के जानकारों का मानना है कि यदि पेट्रोल और डीजल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग और तेज हो सकती है। इससे भारत के ईवी बाजार को भी नई गति मिलने की संभावना है।
टियागो ईवी बनी ग्राहकों की पसंद
टाटा मोटर्स की टियागो ईवी को किफायती इलेक्ट्रिक वाहन के रूप में अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। कंपनी के अनुसार हजारों ग्राहक इस मॉडल का उपयोग कर रहे हैं और इसके जरिए उन्हें उपभोक्ताओं की जरूरतों और उपयोग के तरीकों को समझने में काफी मदद मिली है।
कंपनी ने हाल ही में टियागो ईवी की फास्ट चार्जिंग क्षमता में भी सुधार किया है, जिससे चार्जिंग समय कम हुआ है और ग्राहकों को अधिक सुविधा मिल रही है। शहरी क्षेत्रों में दैनिक उपयोग के लिए यह वाहन तेजी से लोकप्रिय होता जा रहा है।
बाजार में बदल रही है ग्राहकों की प्राथमिकता
विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन लागत में बढ़ोतरी के साथ उपभोक्ता अब केवल वाहन खरीदने की कीमत नहीं बल्कि उसके लंबे समय के खर्च को भी महत्व दे रहे हैं। इसी वजह से इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है।
आने वाले महीनों में यदि यह रुझान जारी रहता है तो भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी पहले से कहीं अधिक मजबूत हो सकती है और टाटा मोटर्स को इसका बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।
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