टेंपल मैनेजमेंट कोर्स को लेकर मध्य प्रदेश में बड़ी पहल की गई है। उज्जैन स्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में जल्द ही एमबीए की विशेष पढ़ाई शुरू होने जा रही है। इस कोर्स का उद्देश्य मंदिरों के संचालन, प्रशासन और धार्मिक पर्यटन को आधुनिक प्रबंधन तकनीकों से जोड़ना है। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाएं अधिक व्यवस्थित बन सकेंगी।
टेंपल मैनेजमेंट कोर्स से युवाओं को मिलेगा नया अवसर
उज्जैन में शुरू होने वाला यह अनोखा एमबीए कोर्स जुलाई 2026 से शुरू किया जाएगा। इसमें छात्रों को मंदिर प्रशासन, वित्तीय प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और धार्मिक पर्यटन से जुड़े विषय पढ़ाए जाएंगे। शुरुआती चरण में इस पाठ्यक्रम के लिए 30 सीटें निर्धारित की गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि देशभर से छात्र इस कोर्स में रुचि दिखा रहे हैं।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
मध्य प्रदेश सरकार इस पहल को धार्मिक पर्यटन और रोजगार से जोड़कर देख रही है। राज्य में महाकालेश्वर मंदिर, ओंकारेश्वर मंदिर और अन्य प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों पर हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशिक्षित प्रबंधन विशेषज्ञों की जरूरत महसूस की जा रही थी। विश्वविद्यालय का दावा है कि यह कोर्स मंदिरों की व्यवस्थाओं को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगा।
कोर्स को लेकर शुरू हुई राजनीतिक बहस
इस नए कोर्स को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। कुछ संगठनों ने मांग की है कि इस तरह के प्रबंधन पाठ्यक्रम में गुरुद्वारा, चर्च और मस्जिदों जैसी अन्य धार्मिक संस्थाओं को भी शामिल किया जाना चाहिए। वहीं विपक्ष ने इसे सरकार का धार्मिक एजेंडा बताते हुए सवाल उठाए हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि यह पहल युवाओं को रोजगार और बेहतर प्रबंधन कौशल देने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है।
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