एमपी गर्मी अलर्ट ने पूरे मध्यप्रदेश में लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी भोपाल से लेकर इंदौर, उज्जैन और खंडवा तक भीषण गर्मी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई शहरों में तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि भोपाल की सड़कों पर डामर पिघलता नजर आया और लोगों का दोपहर में घरों से निकलना मुश्किल हो गया।
एमपी गर्मी अलर्ट में सबसे ज्यादा प्रभावित पश्चिमी मध्यप्रदेश
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी मध्यप्रदेश इस समय सबसे ज्यादा गर्मी की मार झेल रहा है। खंडवा प्रदेश का सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया, जहां अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इसके अलावा रतलाम, गुना, श्योपुर और रायसेन में भी तापमान 43 से 44 डिग्री के बीच बना रहा। राजधानी भोपाल में लगातार तीसरे दिन लू जैसे हालात बने रहे और अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री तक पहुंच गया।
इंदौर और उज्जैन में बढ़ीं गर्म रातें
इंदौर और उज्जैन में दिन के साथ रात की गर्मी भी लोगों को परेशान कर रही है। यहां न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो सामान्य से कई डिग्री ज्यादा माना जा रहा है। मौसम विभाग ने इन शहरों समेत धार, झाबुआ, अलीराजपुर और रतलाम में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्म रातें शरीर को आराम नहीं करने देतीं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं।
भोपाल में पिघलने लगी सड़कें
भोपाल, सीहोर, विदिशा और राजगढ़ समेत कई जिलों में तेज धूप और गर्म हवाओं का असर साफ दिखाई दे रहा है। राजधानी के कुछ इलाकों में सड़क का डामर नरम पड़ गया, जिससे वाहनों के टायर धंसते नजर आए। प्रशासन ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है। लगातार बढ़ती गर्मी से यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
स्वास्थ्य और खेती पर बढ़ा खतरा
भीषण गर्मी का असर सबसे ज्यादा बुजुर्गों, बच्चों और मजदूर वर्ग पर दिखाई दे रहा है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। पशुधन भी गर्म हवाओं से परेशान है। किसानों को धान और सोयाबीन जैसी फसलों पर सूखे के खतरे की चिंता सताने लगी है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण इस तरह की चरम मौसम घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
अगले कुछ दिन और मुश्किल भरे
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले चार से पांच दिनों तक गर्मी का असर बना रह सकता है। हालांकि कुछ जिलों में हल्की बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है, जिससे थोड़ी राहत मिल सकती है। इसके बावजूद प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में गर्म हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
read also: साउथ कोस्ट रेलवे जोन: रेलवे बोर्ड नाराज, कर्मचारियों की तैनाती में देरी से 1 जून की शुरुआत पर संकट











