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पुरी कोणार्क रेल लाइन से बदलेगी ओडिशा की तस्वीर, श्रद्धालुओं और पर्यटन को मिलेगा बड़ा फायदा

पुरी कोणार्क रेल लाइन से बदलेगी ओडिशा की तस्वीर, श्रद्धालुओं और पर्यटन को मिलेगा बड़ा फायदा
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पुरी कोणार्क रेल लाइन परियोजना को भारतीय रेलवे ने तेजी से आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी मजबूत करने के उद्देश्य से बनाई जा रही यह नई रेल लाइन राज्य के पर्यटन और धार्मिक यात्रा को नई दिशा दे सकती है। यह परियोजना भुवनेश्वर, पुरी और कोणार्क को जोड़ने वाले प्रस्तावित तटीय रेल त्रिकोण का अहम हिस्सा मानी जा रही है।

पुरी कोणार्क रेल लाइन से यात्रियों को बड़ी राहत

पूर्व तट रेलवे के अनुसार 32 किलोमीटर लंबी यह नई रेल लाइन पुरी के जगन्नाथ धाम और कोणार्क सूर्य मंदिर के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगी। वर्तमान में दोनों धार्मिक शहर समुद्र तट के किनारे केवल 35 किलोमीटर की दूरी पर हैं, लेकिन इनके बीच सीधी रेल सेवा नहीं है। नई रेल लाइन बनने के बाद लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यात्रा में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे। खासकर तटीय गांवों में आर्थिक गतिविधियों को नया बढ़ावा मिल सकता है।

तेजी से चल रहा भूमि अधिग्रहण

रेलवे परियोजना के लिए करीब 521 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जा रही है। इसमें निजी और सरकारी दोनों प्रकार की भूमि शामिल है। अधिकारियों के मुताबिक परियोजना के लिए जरूरी मंजूरियों की प्रक्रिया भी तेज गति से चल रही है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस परियोजना में 138 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निर्धारित की गई है।

रेलवे ने स्पष्ट किया है कि परियोजना के लिए किसी भी वन भूमि का उपयोग नहीं किया जाएगा। पर्यावरणीय संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए रेल मार्ग का चयन किया गया है ताकि प्राकृतिक संतुलन प्रभावित न हो।

पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का कहना है कि नई रेल लाइन बनने के बाद ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में पर्यटन ढांचे को मजबूती मिलेगी। जगन्नाथ मंदिर और यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कोणार्क सूर्य मंदिर तक पहुंच आसान होने से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है।

इसके साथ ही छोटे गांवों में होटल, परिवहन और स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिलने की संभावना है। रेलवे का मानना है कि यह परियोजना केवल कनेक्टिविटी ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

रेलवे ने दी परियोजना को विशेष प्राथमिकता

रेलवे बोर्ड ने फरवरी 2024 में इस परियोजना को मंजूरी दी थी, जबकि मार्च 2024 में इसे विशेष रेलवे परियोजना घोषित किया गया। इसके बाद से परियोजना पर तेजी से काम शुरू किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले वर्षों में यह रेल लाइन ओडिशा के सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स में शामिल हो सकती है।

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