पीएम मोदी यूएई दौरा इस समय अंतरराष्ट्रीय राजनीति और रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने छह दिवसीय पांच देशों के दौरे की शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात से की, जहां ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग और पश्चिम एशिया में जारी तनाव जैसे मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। अबू धाबी पहुंचने पर यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
पीएम मोदी यूएई दौरा में हुए बड़े समझौते
प्रधानमंत्री मोदी और यूएई नेतृत्व के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौतों और एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों देशों ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी को मजबूत करने के लिए नया फ्रेमवर्क तैयार किया। इसके अलावा स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व और एलपीजी सप्लाई से जुड़े समझौते भी किए गए।
भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्रों में लगभग 5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा भी इस दौरे का बड़ा आकर्षण रही। गुजरात के वाडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर स्थापित करने को लेकर भी समझौता हुआ, जिससे समुद्री कारोबार और रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
यूएई पहुंचने पर मिला खास सम्मान
प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई को अपना “दूसरा घर” बताते हुए वहां मिले सम्मान के लिए आभार जताया। यूएई एयरफोर्स के एफ-16 फाइटर जेट्स ने भारतीय प्रधानमंत्री के विमान को विशेष एस्कॉर्ट दिया, जिसे दोनों देशों के मजबूत रिश्तों का प्रतीक माना जा रहा है।
पीएम मोदी ने कहा कि यूएई के साथ भारत के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि भावनात्मक और भरोसे पर आधारित हैं। उन्होंने यूएई नेतृत्व की राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा बनाए रखने के प्रयासों की भी सराहना की।
पश्चिम एशिया संकट पर भारत का कड़ा संदेश
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता और सुरक्षा को निशाना बनाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। भारत ने क्षेत्रीय स्थिरता और शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
ऊर्जा सुरक्षा इस यात्रा का प्रमुख मुद्दा रही, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र में तनाव के चलते वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री मार्गों पर असर पड़ रहा है। भारत इन परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
पांच देशों के दौरे पर हैं प्रधानमंत्री मोदी
यूएई यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे। इस पांच देशों के दौरे का उद्देश्य भारत के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा से भारत की वैश्विक कूटनीतिक स्थिति को नई मजबूती मिल सकती है।
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