मुंबई अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान बांद्रा के गरीब नगर इलाके में भारी तनाव देखने को मिला। Western Railway द्वारा रेलवे जमीन खाली कराने के लिए चलाए गए बड़े अभियान में सैकड़ों झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाया गया। कार्रवाई के दौरान हिंसा, पथराव और पुलिस बल की तैनाती ने पूरे इलाके को तनावपूर्ण बना दिया।
अधिकारियों के अनुसार यह अभियान लगभग 5,200 वर्गमीटर रेलवे भूमि को खाली कराने के लिए चलाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 600 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
मुंबई अतिक्रमण हटाओ अभियान क्यों शुरू हुआ
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह बस्ती रेलवे ट्रैक और ओवरहेड इलेक्ट्रिक सिस्टम के बेहद करीब बन चुकी थी, जिससे सुरक्षा खतरा बढ़ रहा था। कई बहुमंजिला अवैध ढांचे फुटओवर ब्रिज की ऊंचाई तक पहुंच गए थे, जो भविष्य की रेलवे परियोजनाओं में भी बाधा बन रहे थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया 2017 से कानूनी विवादों में फंसी हुई थी। बाद में अदालत से अनुमति मिलने के बाद रेलवे ने यह बड़ा अभियान शुरू किया।
भारी पुलिस बल के बीच चला बुलडोजर
कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई। करीब 400 पुलिसकर्मी, GRP और RPF के जवानों के अलावा बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी तैनात किए गए। कई रास्तों और फुटओवर ब्रिज को बंद कर दिया गया, जिससे बांद्रा स्टेशन के आसपास भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।
रेलवे का कहना है कि करीब 500 झोपड़ियों को हटाने की पहचान की गई थी, जबकि पुनर्वास योग्य लगभग 100 संरचनाओं को फिलहाल नहीं तोड़ा गया।
दूसरे दिन हिंसा और पथराव से बढ़ा तनाव
अभियान के दूसरे दिन स्थिति अचानक बिगड़ गई। अधिकारियों के अनुसार एक कथित अवैध धार्मिक ढांचे और टेलीकॉम टावर को हटाने के दौरान लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई।
पुलिस का आरोप है कि भीड़ ने पत्थर, बर्तन और अन्य सामान फेंके, जिसके बाद लाठीचार्ज करना पड़ा। इस घटना में कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हो गए। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में भी लिया है।
पुनर्वास को लेकर लोगों में नाराजगी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे कई वर्षों से यहां रह रहे थे और उनके पास बिजली कनेक्शन, टैक्स रसीद और अन्य सरकारी दस्तावेज मौजूद हैं। कई परिवारों ने आरोप लगाया कि उन्हें पर्याप्त समय या वैकल्पिक व्यवस्था दिए बिना घर तोड़ दिए गए।
कई बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे अपना सामान लेकर खुले आसमान के नीचे बैठे दिखाई दिए। लोगों ने यह भी नाराजगी जताई कि ईद से ठीक पहले यह कार्रवाई शुरू की गई।
रेलवे विस्तार परियोजना के लिए खाली कराई जा रही जमीन
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक खाली कराई गई जमीन का इस्तेमाल भविष्य में बांद्रा स्टेशन और आसपास रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के लिए किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स के पास स्थित है।
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