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ट्विशा शर्मा केस में बड़ा मोड़, CBI ने पति को हिरासत में लेकर भोपाल घर पहुंचकर की जांच तेज

ट्विशा शर्मा केस में बड़ा मोड़, CBI ने पति को हिरासत में लेकर भोपाल घर पहुंचकर की जांच तेज
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भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा केस अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उनके पति समार्थ सिंह को हिरासत में लेकर भोपाल स्थित घर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और संदिग्ध परिस्थितियों में मौत जैसे गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है।

CBI ने समार्थ सिंह को लिया हिरासत में

बुधवार को भोपाल की अदालत ने समार्थ सिंह को CBI हिरासत में भेज दिया। इसके बाद जांच एजेंसी उन्हें उनके घर लेकर पहुंची, जहां घटनास्थल से जुड़े अहम सबूतों की जांच की गई। इससे पहले समार्थ सिंह को राज्य पुलिस की SIT ने जबलपुर से गिरफ्तार किया था।

CBI ने भोपाल पुलिस द्वारा तैयार शुरुआती जांच रिपोर्ट और केस डायरी का भी अध्ययन किया है। अधिकारियों ने ट्विशा के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, पारिवारिक बातचीत और घटनास्थल से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच तेज कर दी है।

मौत से पहले परिवार से हुई थी बात

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, घटना वाले दिन ट्विशा शर्मा कई बार अपने पिता से फोन पर बात कर रही थीं। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही उन्हें दहेज को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था।

बताया गया कि 12 मई की रात करीब 9:41 बजे ट्विशा अपनी मां से फोन पर बात कर रही थीं। उसी दौरान कथित तौर पर उनके पति समार्थ सिंह की आवाज सुनाई दी, जो गुस्से में सवाल पूछ रहे थे। इसके बाद अचानक ट्विशा का फोन बंद हो गया।

करीब 20 मिनट तक संपर्क नहीं होने पर परिवार घबरा गया। जब ट्विशा की मां ने समार्थ सिंह की मां और रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह को फोन किया, तब उन्हें बताया गया कि “ट्विशा अब नहीं रहीं।”

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए अहम संकेत

CBI की FIR में प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार मौत फांसी लगने से हुई, लेकिन शरीर पर कई चोटों के निशान भी पाए गए हैं। मेडिकल रिपोर्ट में इन चोटों को “ब्लंट फोर्स” यानी किसी कठोर वस्तु से लगी चोट बताया गया है।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई और साजिश थी।

दहेज प्रताड़ना के आरोपों की जांच

परिवार ने FIR में आरोप लगाया है कि शादी के समय ‘विदाई’ के दौरान 2 लाख रुपये की मांग की गई थी। यही आरोप अब दहेज प्रताड़ना की जांच का अहम हिस्सा बन गया है।

भारतीय कानून के अनुसार, शादी के सात साल के भीतर महिला की संदिग्ध मौत होने पर मजिस्ट्रेट जांच अनिवार्य होती है। यदि दहेज प्रताड़ना के सबूत मिलते हैं, तो पति और ससुराल पक्ष पर दहेज मृत्यु का मामला दर्ज किया जा सकता है।

हाईकोर्ट में भी सुनवाई जारी

इस बीच जबलपुर हाईकोर्ट में समार्थ सिंह की मां गिरीबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग पर भी सुनवाई हुई। अदालत ने फिलहाल फैसला सुरक्षित रख लिया है।

अब पूरे मामले पर सभी की नजरें CBI जांच और पोस्टमार्टम की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

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